
लॉक डाउन को बढ़ाये जाने की तार्किक माँग, तब ही सार्थक साबित होगी जब कोरोना की सघन जाँच हो व स्वास्थ्यकर्मियों को चतुर्दिक सुरक्षा तथा जनता को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति मिल सके.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 12, 2020
नकदी की समस्या को खत्म करने के लिए बैंकों के साथ गाँव-मुहल्ले, कॉलोनी स्तर पर व्यवस्था करनी होगी.
दूरदर्शी व्यवस्थाओं का महत्व आपदा के समय ही समझ आता है. नाम या नम्बर बदलने पर भी इनसे जिनकी सहायता होती है व जिनका जीवन बचता है, वे सदैव इनके पीछे के मूल प्रेरक को ही याद करते हैं.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 12, 2020
ऐसी जन-कल्याणकारी व्यवस्थाओं की सफलता देखकर अपने कार्यों के प्रति बेहद संतोष होता है व ख़ुशी भी. pic.twitter.com/2gaBKy6t3V