
बिहार के बेगूसराय में 25 वर्षीय युवा पत्रकार सुभाष कुमार की शुक्रवार को दबंगों ने गोली मारकर हत्या कर दी. मामले में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है हालांकि अभी तक कोई भी गिरफ्तारी नहीं हुई है. हत्या क्यों की गई इसकी कोई भी वजह अभी तक सामने नहीं आई है.
एक निजी चैनल में काम करने वाले सुभाष 20 मई को अपने एक दोस्त की शादी में शामिल होने पहुंचे थे. वहां एक कार्यक्रम में कुछ महिलाएं डांस कर रही थीं. इस दौरान महिलाओं के बीच कुछ लड़के भी पहुंच गए और डांस करने लगे. पत्रकार सुभाष उनकी वीडियो बनाने लगे और इस पर लड़कों और सुभाष के बीच बहस हो गई. आखिर में एक दूसरे को समझाने के बाद सुभाष और वह लड़के घटना स्थल से चले गए. दावा किया जा रहा है कि जब सुभाष अपने घर जा रहे थे तभी कथित उन लड़कों में से एक रोशन ने सुभाष को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
सुभाष के मामा के बेटे चिंटू कहते हैं, “जब सुभाष का शव अस्पताल पहुंचा तब मैं भी वहीं था. कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या हुआ, उनकी किसी से आपसी दुश्मनी नहीं थी. पुलिस भी साफ-साफ कुछ नहीं बता रही है. हमें प्रदर्शन करने से मना कर दिया गया है.”
वह आगे कहते हैं, “सुभाष के चचेरे भाई ने गोली मारने वाले को देखा है. उसका नाम रोशन है जो कि कार्यक्रम में बहस करने वालों में से एक था.”
सिटी न्यूज़ बेगूसराय के संपादक कहते हैं, “सुभाष काफी समय से देशी शराब बनाने वालों के खिलाफ लिख रहे थे. बेगूसराय में ‘बखरी’ नाम का एक इलाका है जहां पर लगभग हर घर में देसी शराब बनाई जाती है. सुभाष काफी समय से उस पर खबर चला रहे थे जिसके चलते वह दबंगों के निशाने पर थे. एक बार सुभाष को शराब के झूठे केस में पुलिस द्वारा फंसाने की कोशिश भी हुई थी जिसका हम पत्रकारों ने विरोध किया था. उन्हें हिरासत में लिया गया था तो हमने कोर्ट से बेल ली थी.”
वह आगे कहते हैं, “सुभाष की हत्या के बाद हमने एसपी ऑफिस का घेराव किया था. पुलिस अभी ठीक काम कर रही है, अगर ढिलाई करेगी तो हम फिर से प्रदर्शन करेंगे.”
इस मामले में एसडीपीओ चंदन कुमार का कहना है, “अभी सुभाष के परिवार ने एफआईआर दर्ज कराई है जिसमें उनका दवा है की रोशन कुमार नामक लड़के ने गोली चलाई है, जो की फरार है. अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. जांच जारी है”
बता दें कि सुभाष कुमार ने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई की थी. शुरुआती दिनों में उन्होंने ‘राष्ट्रीय सहारा’ अखबार में काम किया. इसके बाद ‘बिहार दैनिक’ में भी काम किया, फिर वे “सिटी न्यूज़ बेगूसराय” से जुड़ गए. इस ही दौरान उन्होंने अपना खुद का एक यूट्यूब चैनल “आप तक” भी शुरू किया था.
(फ़ूरक़ान ख़ान के सहयोग से)
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