
केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट में यूनियन के खिलाफ “बेबुनियाद बयानबाजी” के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मांगी मांगे.
केयूडब्लूजे ने कहा, “उन्हें सार्वजनिक रूप से सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश के लिए माफी मांगनी चाहिए”.
Solicitor General Tushar Mehta Must withdraw his wrong arguments against KUWJ and apologize publicly for trying to mislead the Supreme Court.
— Justice for Siddique Kappan_ KUWJ (@kuwjcampaign) April 28, 2021
KUWJ pic.twitter.com/L5aWJoQtMb
दरअसल जेल में बंद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजने की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट को एक "कथित संघ... एक अच्छी तरह से ज्ञात नहीं" के रूप में वर्णित किया था.
SG begins his submissions.
— Live Law (@LiveLawIndia) April 28, 2021
SG: This is a purported association of journalists, not even a well known one. When this person was arrested, he was carrying a card of a newspaper called Tejas which hasn’t functioned for years. #SiddiqueKappan #SupremeCourt
यूनियन ने कहा कि वह पिछले 60 सालों से पत्रकारों के लिए काम कर रहा है. पत्र में कहा गया है कि मेहता के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे.
बता दें कि 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार को दिल्ली में इलाज कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया था.
कप्पन को हाथरस मामले की रिपोर्टिंग के लिए जाते वक्त मथुरा पुलिस ने पांच अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था. पत्रकार दलित लड़की के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जिले में स्थित उसके गांव जा रहे थे.
गौरतलब है कि हाथरस में एक दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद इस मामले ने दुनिया भर में तूल पकड़ लिया था. तब पत्रकार कम्पन की गिरफ्तारी की काफी कड़ी आलोचना हुई थी.
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