
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा को इंटरव्यू के लिए धमकाने के मामले में पत्रकार बोरिया मजूमदार पर दो साल का बैन लग सकता है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा इस मामले की जांच के लिए गठित कमेटी ने बोरिया मजूमदार को दोषी पाया है. जांच कमेटी में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कोषाध्यक्ष अरुण धूमल और शीर्ष परिषद सदस्य प्रभातेज भाटिया थे.
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “बोरिया मजूमदार पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है. उन्हें किसी भी स्टेडियम के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी, साथ ही बीसीसीआई से जुड़े किसी कार्यक्रम में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा. वहीं, सभी खिलाड़ियों को बोरिया मजूमदार के साथ बात करने से मना किया जाएगा.”
अधिकारी ने बताया है कि इंटरनेशनल क्रिकेट कंट्रोल (आईसीसी) को भी पत्र लिखकर बोरिया पर बैन लगाने की मांग बीसीसीआई करेगा.
बता दें कि बीसीसीआई ने श्रीलंका के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम की घोषणा की थी उसमें विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली थी. इसके बाद पत्रकार ने साहा को मैसेज कर इंटरव्यू करने की मांग की. जब साहा की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो पत्रकार ने उन्हें अंजाम भुगतने की धमकियां दीं. इसके बाद साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की.
After all of my contributions to Indian cricket..this is what I face from a so called “Respected” journalist! This is where the journalism has gone. pic.twitter.com/woVyq1sOZX
— Wriddhiman Saha (@Wriddhipops) February 19, 2022
साहा के ट्वीट के बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने उनका समर्थन किया और बीसीसीआई से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की. बीसीसीआई ने तीन सदस्यों की समिति बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच की है.
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