
दिल्ली में हनुमान जयंती के मौके पर दर्जनभर से अधिक शोभा यात्राएं निकाली गईं. जहां 5 अप्रैल को उत्तम नगर में शोभायात्रा के दौरान तलवारें लहराई गईं तो वहीं 6 अप्रैल को जहांगीरपुरी में पुलिस की भारी सुरक्षा में शोभायात्रा निकाली गई. दोनों शोभा यात्राएं- विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और स्थानीय लोगों द्वारा निकाली गईं.
बता दें कि जहांगीरपुरी में पिछले साल हनुमान जयंती की शोभा यात्रा के दौरान ही हिंसा हुई थी, जिसकी वजह से इस साल पुलिस ने अनुमति देने से इंकार कर दिया था. 5 अप्रैल की दोपहर गृह मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी कर सभी राज्यों को कहा कि हनुमान जयंती के मौके पर निकलने वाली शोभायात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाए. इसके बाद कल देर रात दिल्ली पुलिस ने जहांगीरपुरी में शोभायात्रा निकालने की परमिशन दे दी.
उत्तर पश्चिम जिले के डीसीपी जितेंद्र मीणा ने बताया, “आयोजकों ने जो रूट निर्धारित किया था. उसमें थोड़ा सा संशोधन करके हमने शोभायात्रा की अनुमति दे दी है. इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और पैरा-मिलिट्री की टीमें तैनात हैं. हम एहतियात के तौर पर इलाके में ड्रोन के जरिए भी निगरानी रख रहे हैं.”
वहीं, जहांगीरपुरी शोभायात्रा के संयोजक और भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री विक्रम कश्यप ने बताया, “प्रशासन ने हमें शोभायात्रा निकालने की अनुमति तो दे दी है लेकिन बैरिकेडिंग लगाकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को नहीं आने दिया जा रहा है.”
जहांगीरपुरी और उत्तम नगर की शोभा यात्रा में शामिल होने वाले लोगों में ज्यादा संख्या युवाओं और बच्चों की थी. ज्यादातर युवा हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे थे. हमने इन युवाओं से बात की और जानने की कोशिश की कि आखिर वह हिंदू राष्ट्र की मांग क्यों कर रहे हैं?.
जवाब जानने के लिए आप भी देखिए यह वीडियो रिपोर्ट.
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