
वरुण ग्रोवर एक भारतीय लेखक, कवि एवं हास्य कलाकार हैं. उन्होंने मसान, गैंग्स ऑफ वासेपुर और उड़ता पंजाब जैसी कई मशहूर फिल्मों के लिए काम किया है. उन्हें 2015 -16 के नेशनल फिल्म अवार्ड्स में, सर्वश्रेष्ठ गीतकार के पुरस्कार से भी नवाज़ा गया था. इस साक्षात्कार में वह न्यूज़लॉन्ड्री के साथ अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन के कई पहलुओं पर बातचीत करते हैं.
अपने जीवन के कई अज्ञात पक्षों का खुलासा करते हुए उन्होंने जानवरों के प्रति अपने प्यार के ऊपर भी खुल कर बात की, वह बताते हैं, "कैसे एक बिछड़ा हुआ तोता जो थोड़े से खाने और प्यार से उनका मित्र बन गया, और तीन बिल्लियां जो इत्तेफाक से उनके परिवार का हिस्सा बन गयीं."
उन्होंने 2016 के आजतक साहित्य का अपना अनुभव साझा किया, तब इस मंच पर उन्होंने मीडिया की आलोचना कर सभी को हैरान कर दिया था.
सिनेमा जगत में राजनैतिक एवं व्यावसायिक डर के ऊपर एक सवाल उन्हें एल के अवनि की पंक्ति याद दिला देता है, "आपको झुकने को कहा है आप दंडवत हो गए हो/लेटने और लौटने का अंतर भूल गए हो." वे बढ़ती सेंसरशिप के विरुद्ध अपना मत भी रखते हैं.
बातचीत में प्रचलित विषय वस्तु से परहेज़, वरुण के मनपसंद शहर, स्टैंड अप कॉमेडी का आनंद और सफलता का फार्मूला: प्रतिभा, किस्मत और धैर्य जैसे कई दिलचस्प विषयों पर बात की.
देखिए पूरा इंटरव्यू-
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