
न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल स्टैंडर्ड अथॉरिटी(एनबीडीसए)ने न्यूज़ नेशन को ‘धर्मांतरण जिहाद’शीर्षक वाले वीडियो को हटाने के लिए कहा है.
एनबीडीसए ने कहा, ब्रॉडकास्टर्स को प्रसारण के दौरान निष्पक्ष रहने में विफल एंकरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. यह फैसला ‘सिटिजन्स फॉर जस्टिस और पीस’ द्वारा की गई शिकायत पर दिया गया है.
एनबीडीसए ने कार्रवाई करने के अलावा साथ ही यह भी कहा कि, “एंकरों को कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए.”
हालांकि, ब्रॉडकास्टर ने बिना शर्त माफी मांगी है. एनबीडीसए ने न्यूज़ नेशन को भविष्य में सावधान रहने की चेतावनी दी और वेबसाइट, यूट्यूब और अन्य सभी प्लेटफॉर्म से शो का लिंक हटाने के लिए कहा है. साथ ही कहा कि इसकी पुष्टि एनबीडीसए को सात दिनों के भीतर लिखित रूप में की जानी चाहिए.
एनबीडीसए ने आगे कहा कि एंकर (दीपक चौरसिया) द्वारा शो में दिए गए बयान और कैप्शन "मेमचंद जिंदा है जमात शर्मिंदा है"; "500- हिन्दू कैसे बने मुस्लिम?" और "क्या मेवात पाकिस्तान बन गया?" यह रिपोर्टिंग नियमों के सिद्धांतों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन है.
एनजीओ सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) द्वारा की गई शिकायत में कहा गया है कि न्यूज़ नेशन के एंकर दीपक चौरसिया ने मौलाना सैयद उल कादरी को अपने शो में बुलाकर उन्हें पूरे मुस्लिम समुदाय की ओर से माफी मांगने के लिए मजबूर किया और उनका ऑन-एयर अपमान किया और उन्हें झूठ की फैक्ट्री कहा.
बता दें कि इससे पहले ज़ी न्यूज को भी एनबीडीसए ने किसान आंदोलन से संबंधित दो वीडियो हटाने को कहा था.
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