
नोट: इस मामले में पीड़िता और आरोपियों के बीच समझौता हो गया है. समझौते के आधार पर ही दिल्ली कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अनुमति दे दी है. कोर्ट ने पाया कि ये एक पारिवारिक विवाद है और इसमें बलात्कार जैसे आरोपों का जिक्र है लेकिन समझौते के चलते इन आरोपों पर कार्रवाई की कोई वजह नहीं बची है. हालांकि, कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने रेप जैसे गंभीर आरोप लगाए तो सरकारी मशीनरी को सक्रिय होना पड़ा. इसके चलते कोर्ट ने पीड़िता को 20 पेड़ लगाने के आदेश दिए.
ये पूरा मामला क्या था और पीड़िता ने किस तरह के आरोप लगाए थे. जानने के लिए ये वीडियो देखिए.
दरअसल, दिल्ली के बुराड़ी में हिंदू महापंचायत का आयोजन करने वाले प्रीत सिंह की पत्नी ने उन पर बलात्कार का आरोप लगाया. प्रीत सिंह की पत्नी का कहना है कि साल 2020 के बाद से प्रीत सिंह उनके साथ मारपीट करता था. प्रीत के पिता और भाई उसे बुरी नजर से देखते थे. जब प्रीत की पत्नी ने इसकी शिकायत की तो उनकी सास ने उन्हें और उनके बेटे को डराया-धमकाया.
न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में प्रीत की पत्नी ने बताया कि जब वह पुलिस से शिकायत करने गईं तब से प्रीत का परिवार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है. वहीं, प्रीत सिंह अपने पिता के साथ फरार है. देखिए पूरा इंटरव्यू.
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