
दिल्ली हाईकोर्ट ने नए आईटी नियमों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए कहा है. कोर्ट ने मामले को 20 अगस्त के लिए स्थगित करते हुए केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है.
इस मामले पर आज द क्विंट, द वायर और ऑल्ट न्यूज द्वारा दायर याचिका पर जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने सुनवाई की. केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अपर सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक स्थानांतरण याचिका दायर की गई है. इसमें नए नियमों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट के समक्ष दायर सभी याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग की गई है.
इस पर मीडिया हाउस की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नित्या रामकृष्णन ने कहा कि, “अभी तक नोटिस भी जारी नहीं किया गया है और यहां तक कि हाईकोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक भी नहीं है.”
समाचार संस्थान द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि, केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए आईटी नियमों से संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 19 (1) (ए), जिसमें कानून के समक्ष समानता और बोलने व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार शामिल है, उसका उल्लंघन होगा.
वहीं इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट में भी आईटी नियमों को चुनौती दी गई है. डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) ने मांग की थी कि केंद्र सरकार द्वारा किसी भी कार्रवाई से रोकने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया जाए. जिस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अभी कोई आदेश नहीं जारी कर सकते क्योंकि अभी तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
फेसबुक के स्वामित्व वाली मैसेजिंग सेवा व्हाट्सएप ने भी दिल्ली हाईकोर्ट में नए आईटी नियमों को लेकर याचिका दाखिल की थी. कंपनी ने अपनी याचिका में कहा, नए कानून के बाद अब मैसेज भेजने वाले ट्रेस करने को मजबूर हो जाएंगे.
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