
नई दिल्ली: कैंसर विश्व की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। हर साल कैंसर से लगभग 10 मिलियन लोगों मौतें होती हैं, जिसमे से 2.26 मिलियन मामले माहिलाओं के स्तन कैंसर के है। जिसकी सबसे बड़ी वजह मोटापे के रूप सामने आई है।
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में दावा किया है कि मोटापा कैंसर का खतरा बढ़ाने के साथ कैंसरस ट्यूमर की ग्रोथ को भी तेज करता है। स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, डिम्बग्रंथि, योनि, योनि, फेफड़े, कोलोरेक्टल और त्वचा कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाले आम कैंसर हैं। महिलाओ में होने वाले कैंसर का 6 % कारण, मोटापा है। हर साल लगभग 6 हजार महिला मोटापे के कारण कैंसर का शिकार होती है।
महिलाएं अपनी सेहत और शरीर में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव पर ध्यान दें, तो कैंसर से उनकी लड़ाई बेहद आसान हो सकती है।
स्तन कैंसर
कई रिसर्च और शोध के अनुसार, हर साल स्तन कैंसर से 2.26 मिलियन महिलाओं की मौत होती हैं। स्तन कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक है स्तन में गांठ, निप्पल में बदलाव या मोटा होना, निप्पल से डिस्चार्ज होना या कोई असामान्य वृद्धि जिसे आप महसूस कर सकते हैं। गांठ मुलायम हो सकती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप डॉक्टर से मिले।
कैंसर के लक्षण
वजाइनल डिस्चार्ज
महिलाओं में वजाइनल डिस्चार्ज यानी सफेद पानी का आना एक सामान्य है। लेकिन इसकी मात्रा, रंग या गंध में कोई भी परिवर्तन आता है तो ये एक समस्या का संकेत हो सकता है।
थकान और अचानक से वजन का घटना
अधिकांश कैंसर में व्यक्ति को थकान महसूस होती है और अचानक से उसका वजन घटने लगता है। कैंसर की बीमारी में लक्षण आम हैं। हालांकि ये कमजोरी या किसी अन्य बीमारी के भी सामान्य लक्षण हो सकते हैं। इसलिए इसकी वजह को सुनिश्चित करना जरूरी होता है।