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बसंत कुमार

केजरीवाल ने सुनाई ‘चौथी पास राजा’ की कहानी, एनडीटीवी समेत कई चैनलों से गायब

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 17 अप्रैल, सोमवार को दिल्ली विधानसभा में ‘चौथी पास एक राजा’ की कहानी सुनाई. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम तो नहीं लिया लेकिन ये साफ था कि वो उनके बारे में ही बात कर रहे हैं. केजरीवाल का यह भाषण कई टीवी चैनलों की कवरेज से गायब है.

एनडीटीवी, इंडिया टीवी और न्यूज़ 18 से यह खबर पूरी तरह गायब है. वहीं आज तक, न्यूज़ 24न्यूज़ नेशन, टीवी 9 और अन्य मीडिया संस्थानों ने इसका कुछ ही हिस्सा दिखाया. एबीपी और ज़ी न्यूज़ के अलावा किसी भी चैनल ने इसे लाइव नहीं दिखाया.

एक टीवी चैनल के लिए आम आदमी पार्टी कवर करने वाले पत्रकार ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि इससे पहले जब भी अरविंद केजरीवाल विधानसभा में बोलते थे तो उसे लाइव दिखाया जाता था. सोमवार को जैसे ही खबर आई कि वो चार बजे बोलेंगे, चैनल की तरफ से कहा गया कि लाइव नहीं दिखाना है. 

वे बताते हैं, ‘‘चैनल की तरफ से कहा गया कि केजरीवाल विधानसभा में क्या बोलेंगे उसके बाद यह फैसला किया जाएगा कि उसे दिखाना है या नहीं. दरअसल, आखिरी बार इन्होंने विधानसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा और अडानी के साथ उनके रिश्ते को लेकर जमकर बोला था. उसे सबने लाइव किया था. इस बार सीबीआई द्वारा आबकारी घोटाले के मामले में केजरीवाल से कई घंटों की पूछताछ के अगले ही दिन दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया था. ऐसे में चैनल्स को अंदाजा तो था ही क्या बोलने वाले हैं.’’

जैसा अंदाजा था, केजरीवाल ने बिना किसी का नाम लिए ‘चौथी पास राजा’ की कहानी सुनाई. जो साफतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही निशाना था. इस दौरान उन्होंने खुद को ईमानदार मुख्यमंत्री भी बताया. अडानी और मोदी के रिश्ते को भी कहानी में शामिल किया गया. 

इंडिया टीवी, टाइम्स नाउ हिंदी, एनडीटीवी और न्यूज़ 18 के सभी प्लेटफॉर्म से खबर गायब

एनडीटीवी ने केजरीवाल के विधानसभा में दिए भाषण को लाइव नहीं दिखाया. यहीं नहीं उसके यूट्यूब चैनल पर भी भाषण का कोई हिस्सा नहीं दिखाया है. टीवी और यूट्यूब के अलावा एनडीटीवी हिंदी की वेबसाइट पर भी इससे संबंधित कोई खबर नहीं है. 

हालांकि, उसी दिन दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव करते हुए केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की. इस खबर को चैनल पर दिखाया गया और इसे यूट्यूब पर भी शेयर किया गया.

एनडीटीवी की तरह न्यूज़ 18 हिंदी ने भी केजरीवाल की स्पीच को पूरी तरह से गायब कर दिया. न्यूज़ 18 ने न स्पीच को लाइव दिखाया और ही उनके यू-ट्यूब पर यह खबर मौजूद है. यहां तक की वेबसाइट पर भी इससे जुड़ी खबर मौजूद नहीं है. 

न्यूज़ 18 से जुड़े एक कर्मचारी ने बताया, ‘‘पिछले महीने 21 मार्च को हुए ‘चौपाल’ कार्यक्रम में केजरीवाल आए थे. उस दिन हमारे मैनेजिंग एडिटर किशोर आजवाणी ने केजरीवाल का इंटरव्यू किया था. जिसमें केजरीवाल ने उन्हें कई बार खरी-खोटी सुना दी. उन्होंने यहां तक कह दिया था कि प्रधानमंत्री का नाम लेते ही आप कूदने लगते हैं. आप उनकी वकालत कर रहे हैं. इसके बाद से चैनल ने ‘आप’ को दिखाना कम कर दिया है या कहिए कि एक तरह से बंद ही कर दिया है.’’

यही स्थिति रजत शर्मा के नेतृत्व वाले इंडिया टीवी की रही. इंडिया टीवी के किसी भी प्लेटफॉर्म पर यह खबर नहीं दिखाई गई.

टाइम्स नाउ नवभारत ने भी इस खबर को गायब कर दिया. टाइम्स नाउ नवभारत के यू-ट्यूब चैनल पर केजरीवाल से जुड़ी जो खबर है उसमें एक का थंबनेल है, ‘‘सबूत पक्का है, केजरीवाल कल जेल चले जायेंगे’’. वहीं वेबसाइट पर आखिरी खबर ‘CBI दफ्तर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, शराब घोटाले में होगी पूछताछ’ है. 

आखिर केजरीवाल का भाषण क्यों नहीं दिखाया गया?. इसके कारणों का जिक्र करते हुए टाइम्स नाउ हिंदी से जुड़े एक कर्मचारी बताते हैं, ‘‘यह मौखिक आदेश है कि केजीरवाल अगर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कुछ बोलते हैं तो उसे नहीं दिखाना है. अगर यूट्यूब पर गलती से ऐसी कोई वीडियो चला भी दी जाता है तो उसे हटा दिया जाता है.’’

क्या कभी कोई वीडियो हटाया गया, इसपर ये कर्मचारी कहते हैं, ‘‘पिछली बार विधानसभा में ही केजरीवाल ने पीएम मोदी की पढ़ाई को लेकर काफी कुछ बोला था. पहले वो चला गया बाद में हटा दिया गया.’’

एनडीटीवी हिंदी के एक कर्मचारी कहते हैं, ‘‘यह साफ निर्देश है कि केजरीवाल अगर सीधे पीएम मोदी और अडानी को टारगेट करते हैं तो उसे नहीं दिखाना है. हिंडनबर्ग रिपोर्ट आने के बाद यह सब हुआ है. चैनल को अंदाजा था कि केजरीवाल अडानी पर बोलेंगे ही इसीलिए उसे नहीं दिखाया गया.’’

ये कर्मचारी एक और बात जोड़ते हैं, ‘‘पीएम मोदी पर केजरीवाल अगर कुछ बोलते हैं तो उसे दिखा भी सकते हैं लेकिन उसमें अगर अडानी का जिक्र आ रहा है तो साफ आदेश है कि नहीं दिखाना है. इतना ही नहीं न्यूज़ एजेंसी की जो खबरें सिर्फ हैडिंग बदल कर लगा देते थे उनके लिए भी कहा गया है कि अडानी का नकारात्मक जिक्र न जाए.’’

विधानसभा में भाषण के बाद केजरीवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि आज मैंने विधानसभा के अंदर एक बहुत महत्वपूर्ण कहानी सुनाई है और मैं देख रहा था कि या तो सभी चैनलों को ऊपर से फोन आया या वे हिम्मत नहीं कर पाए. मैं कुछ नया बोलने के बजाय आप सबके जरिए आपके चैनलों के मालिक और संपादकों से कहूंगा कि थोड़ी सी हिम्मत दिखाइए और मेरा पूरा भाषण दिखा दीजिए. उस कहानी में सारा लब्बोलुआब आ गया है.’’

न्यूज़लॉन्ड्री को मिली जानकारी के मुताबिक यह सब ‘ऊपर’ से आए आदेश के बाद किया गया. हमें दो चैनलों के संपादकों ने बताया कि उन्हें ‘ऊपर’ से आदेश था कि केजरीवाल की विधानसभा स्पीच को लाइव नहीं दिखाना है. 

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