
पेगासस मामले की जांच को लेकर वरिष्ठ पत्रकार एन राम और शशि कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. पत्रकारों ने कोर्ट से इस मामले से स्वतंत्र जांच की मांग की है.
द हिंदू के पूर्व मुख्य संपादक एन राम और एशियानेट के संस्थापक शशि कुमार ने अपनी याचिका में मांग की है कि, सरकारी एजेंसियों द्वारा इजरायली कंपनी के जासूसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर देश के प्रमुख नागरिकों, नेताओं व पत्रकारों की जासूसी कराए जाने की एक रिपोर्ट सामने आई है. इसलिए मामले की स्वतंत्र रूप से जांच कराई जानी चाहिए. यह पता लगाया जाना चाहिए कि क्या फोन की हैकिंग की गई?
#BREAKING| #Pegasus snooping row : Veteran journalists N Ram (former Chief Editor 'The Hindu) & Sashi Kumar(founder Asianet, Director ACJ) move #SupremeCourt seeking inquiry headed by a sitting or retired judge of SC into the reports of surveillance using #Pegasus spyware. pic.twitter.com/VmMLF82amu
— Live Law (@LiveLawIndia) July 27, 2021
साथ ही मांग की गई है कि, क्या सरकार या अन्य एजेंसियों ने पेगासस सॉफ्टवेयर का लाइसेंस खरीदा और उसका प्रत्यक्ष या गुप्त रूप से किसी की निगरानी करने के लिए इस्तेमाल किया?
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा है कि मिलेट्री ग्रेड के जासूसी उपकरणों का इस्तेमाल करना संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत निजता के अधिकार, अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की आजादी व अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्तिगत आजादी के अधिकारों का उल्लंघन है.
बता दें कि पेगासस मामले की जांच को लेकर दायर यह तीसरी याचिका है. इससे पहले वकील एमएल शर्मा और सीपीएम के राज्यसभा सांसद जान ब्रिटास कोर्ट में याचिका दायर कर चुके हैं.
This is the third writ petition filed in the Supreme Court on #PegasusSpyware issue - earlier, Advocate ML Sharma and Rajya Sabha MP John Brittas @JohnBrittas had filed PILs.#SupremeCourt
— Live Law (@LiveLawIndia) July 27, 2021
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