
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से हमारी मुलाकात रात के साढ़े बारह बजे हुई. जालंधर शहर में अपने तमाम कार्यक्रम निपटाने के बाद वो शहर से 35 किलोमीटर दूर नूरमहल कस्बे के दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (लोग इसे डेरा कहकर पुकारते हैं) पहुंचे थे. दिव्य ज्योति संस्थान का इस इलाके में काफी प्रभाव है. मुख्यमंत्री की इस डेरे से मुलाकात का मकसद संस्थान के अनुयायियों को राजनीतिक संदेश देना भी था.
इससे पहले मंगलवार की सुबह उनके हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमित नही दी गई थी. क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जालंधर में सभा थी, इस कारण पूरे इलाके को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया गया था. अपने हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिलने से नाराज चन्नी ने कहा कि मैं पंजाब का मुख्यमंत्री हूं कोई आतंकी नहीं हूं. उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "खुद प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में इस बात का जिक्र किया है कि उन्हें भी 2013 में उड़ान की अनुमति नहीं दी गई थी. इसका मतलब है कि मुझे जानबूझकर उड़ान भरने से रोका."
इसके अलावा उन्होंने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू से अपने रिश्तों के बारे में भी खुलकर अपनी राय रखी.
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