
सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से बुधवार को कोर्ट में उनकी मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा है. कोर्ट में इस मामले की बुधवार को भी सुनवाई होगी.
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की. केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की याचिका का सरकारी वकील ने विरोध किया और कहा कि जब आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी और वह यूएपीए कानून के तहत बंद हैं तो उसके लिए नियमित जमानत याचिका दाखिल हो.
Habeus Corpus petition in Supreme Court, seeking the release of journalist Siddique Kappan: CJI NV Ramana says, "Let you (the SG and Uttar Pradesh govt) file a medical report of the accused in the case," and adjourns the matter for further hearing till tomorrow. pic.twitter.com/mwwX4WOVu9
— ANI (@ANI) April 27, 2021
लाइव लॉ की खबर के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार ने कप्पन के उन आरोपों से इंकार कर दिया कि, उसे अस्पताल के बेड पर चेन से बांधा गया है. केयूडब्लूजे ने अपनी याचिका में पत्रकार सिद्दीक कप्पन को एम्स या सफदरजंग अस्पताल ट्रांसफर करने की मांग की है.
इससे पहले सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सिद्दीकी कप्पन को बेहतर इलाज मुहैया कराने की मांग की थी.
गौरतलब है कि हाथरस मामले की रिपोर्टिंग के लिए जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन और तीन अन्य को मथुरा पुलिस ने पांच अक्टूबर को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था, जब वे दलित लड़की के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जिले में स्थित उसके गांव जा रहे थे.
बता दें कि हाथरस में एक दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद इस मामले ने दुनिया भर में तूल पकड़ लिया था. तब पत्रकार कम्पन की गिरफ्तारी की काफी कड़ी आलोचना हुई थी.
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