
न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी का नया यूट्यूब चैनल आ गया है. पता है न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी. इसको भी सब्सक्राइब कर लें. अब से हमारे सभी वीडियो हमारे दोनों चैनलों पर उपलब्ध होंगे. बीते हफ्ते खबरिया चैनल आज तक और एबीपी न्यूज़ ने भारत की पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया. दोनों चैनलों की लब्धप्रतिष्ठ एंकराएं भारी-भरकम रामचरित मानस के साथ स्टूडियो पहुंचीं. दोनों एंकराओं के बीच लंबा कंपटीशन रहा कि किसका मानस ज्यादा वजनदार है.
आज तक की एक और स्वनामधन्य एंकरा हैं. श्वेता सिंह. इनके जीवन का फलसफा है अभी तो हमें और गिरना है. सो इस बार ये ज्वालामुखी के मुख से रिपोर्टिंग कर रही हैं.
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन न जाने कैसे-कैसे सेनापतियों और सलाहकारों से घिर हुए हैं. साल भर होने को आ रहा है, लेकिन यूक्रेन से युद्ध किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है. इस युद्ध का एक निर्णायक हल हमारे देश भारत में मौजूद है. हमारे देश में एक खबरिया चैनल है टीवी-9 भारतवर्ष. व्लादिमीर पुतिन यदि इस चैनल के किसी एंकर या संपादक को अपना जनरल बना लें, तो क्या हो. इसी पर है इस बार की टिप्पणी.
क्या मीडिया सत्ता या कॉर्पोरेट हितों के बजाय जनता के हित में काम कर सकता है? बिल्कुल कर सकता है, लेकिन तभी जब वह धन के लिए सत्ता या कॉरपोरेट स्रोतों के बजाय जनता पर निर्भर हो. इसका अर्थ है कि आपको खड़े होना पड़ेगा और खबरों को आज़ाद रखने के लिए थोड़ा खर्च करना होगा. सब्सक्राइब करें.Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.