
न्यूज़लॉन्ड्री सब्सक्राइबर्स के सहयोग से चलने वाला मीडिया संस्थान है. लेकिन टिप्पणी या हमारे चुनिंदा वीडियो आपके लिए मुफ्त में उपलब्ध होते हैं. छोटा से छोटा जो योगदान आप कर सकते हैं वह है हमारे वीडियो को लाइक करना और शेयर करना. कम से कम यह योगदान आप जरूर करें क्योंकि आप जितना लाइक करेंगे उतने अधिक लोगों तक यह वीडियो पहुंचेगा. और संभव हो तो न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब भी करें.
गुजरात और हिमाचल प्रदेश के साथ दिल्ली के एमसीडी चुनावों के नतीजे बीते हफ्ते खबरों में छाए रहे. गुजरात में भाजपा को प्रचंड जीत हासिल हुई, हिमाचल में काग्रेस पार्टी को अपना चेहरा बचाने का मौका मिला और दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने अपनी इज्जत कायम रखी. इन नतीजों की रोशनी में हमारे प्रधानमंत्री ने विजय उद्घोष किया. उस पर विशेष टिप्पणी.
निसंदेह गुजरात में भाजपा की जीत बहुत बड़ी है, लेकिन साथ में हिमाचल कांग्रेस ने जीता और दिल्ली नगर निगम आम आदमी पार्टी ने. लेकिन आपको यह सब टेलीविजन की कवरेज में नजर नहीं आएगी. आपको यही नज़र आएगा कि चारो तरफ सिर्फ भाजपा जीती है. उसी के नेता का भाषण टीवी वाले लाइव, नॉन स्टॉप प्रसारित करेंगे. और इस चक्कर में कुछ एंकर एंकराओं की कब्जियत सामने आ गई. सुधीर चौधरी की खासकर.
देश का नंबर वन न्यूज़ चैनल, जो दावा करता है गोल्ड स्टैंडर्ड पत्रकारिता का, उसके प्राइम टाइम पर सोशल मीडिया के मीम्स चलाए जाते हैं. सड़क चौराहों पर, चाय की दुकानों पर जो तर्क दिए जाते हैं, उसका इस्तेमाल प्राइम टाइम की खबरों का स्लॉट भरने के लिए किया जाता है.
क्या मीडिया सत्ता या कॉर्पोरेट हितों के बजाय जनता के हित में काम कर सकता है? बिल्कुल कर सकता है, लेकिन तभी जब वह धन के लिए सत्ता या कॉरपोरेट स्रोतों के बजाय जनता पर निर्भर हो. इसका अर्थ है कि आपको खड़े होना पड़ेगा और खबरों को आज़ाद रखने के लिए थोड़ा खर्च करना होगा. सब्सक्राइब करें.Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.