
देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है. ताज्जुब की बात है कि पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम कम हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कच्चे तेल का दाम कम ही है. इसके बावजूद लोग 100 रुपए लीटर का पेट्रोल खरीदने को मजबूर हैं.
इसकी वजह है केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया भारी भरकम टैक्स. जो बीजेपी 2014 से पहले पेट्रोल और डीजल के दामों को लेकर बार-बार सड़कों पर उतर जाती थी वह आज हर दिन दाम बढ़ा रही है.
साल 2014 के बाद से लगातार एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की जा रही हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमतें कम हो रही हैं.
तेल कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए जाने की बात कहने वाली सरकार, यह भूल जाती है कि उसके दवाब में हाल ही में पांच राज्यों में चुनावों के दौरान तेल के दामों में बढ़ोतरी नहीं हुई. चुनावों के समय यह तर्क क्यों काम नहीं करता. ऐसे ही तमाम सवालों का जवाब हम देंगे सारांश के इस एपिसोड में.
Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.