
पांच राज्यों में पिछले दो महीने से चल रही चुनावी रैलियां आज पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण की वोटिंग के साथ ही खत्म हो गई. इसी के साथ किस राज्य में किस दल की सरकार बन रही है, यह सवाल भी शुरू हो गया. इसका असली जवाब तो 2 मई को आएगा लेकिन खबरिया चैनलों ने एक्जिट पोल के द्वारा अभी से बता दिया है कि किस पार्टी की सरकार बनने की संभावना है.
शाम 6 बजे वोटिंग खत्म होने के साथ ही चैनलों पर एग्जिट पोल के टिकर चलने शुरू हो गए, साथ ही कोरोना से जूझ रहे देश को अब एक बार फिर से 2 मई तक के लिए एक आभासी बहस में धकेल दिया गया है.
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुडुचेरी और केरल में हुए इन चुनावों में देशभर का ध्यान बंगाल के चुनावों ने आकर्षित किया.
पश्चिम बंगाल
जयश्रीराम, चंडीपाठ, पाकिस्तान, कट मनी, बाहरी-भीतरी, सीएए, एनआरसी, कोरोना वैक्सीन का फ्री टीका, राजनीतिक हत्याओं का बदला आदि विषय बंगाल के चुनावों का लोकप्रिय जुमला रहे. जनता के मुद्दे गायब थे. बंगाल जीतने के लिए बीजेपी ने अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. वहीं टीएमसी से पलटवार करने के लिए प्रशांत किशोर आए. ममता भी दमखम के साथ डटी रहीं. इस चुनाव में 35 साल तक राज करने वाली लेफ्ट गायब. वह इस बार भी कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ रही थी.
इंडिया टूडे
इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार पश्चिम बंगाल में आठ चरणों को मिलाकर बीजेपी+ के खाते में 134 से 160 और टीएमसी के खाते में 130 से 156 सीटें आने का अनुमान है. वहीं लेफ्ट के खाते में शून्य से दो और अन्य के खाते में शून्य से एक सीट आने का अनुमान है. ऐसे में एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल में बीजेपी और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर है.
#WestBengalPolls: Dada or Didi? Watch the big bang #IndiaTodayExitPoll with @RahulKanwal & @sardesairajdeep | #ITLivestream https://t.co/QJbC9WxIfe
— IndiaToday (@IndiaToday) April 29, 2021
एबीपी न्यूज
एबीपी न्यूज ने हर बार की तरह ही एक बार फिर से सी वोटर के साथ अपना यह एग्जिट पोल किया है. पोल के मुताबिक, टीएमसी को 42.1 प्रतिशत वोट मिल रहा है, बीजेपी को 39.2 प्रतिशत, कांग्रेस+लेफ्ट 15.4 प्रतिशत और अन्य 3.3 प्रतिशत.

इन वोटों को अगर सीटों में देखें तो टीएमसी एक बार फिर से सरकार बनाने जा रही है. टीएमसी बहुमत के लिए जरूरी 148 से ज्यादा 152-164 सीटें जीतती नजर आ रही है. वहीं बीजेपी बहुमत के आंकड़ों से पीछे हैं, उसे 109-121 और कांग्रेस+लेफ्ट को 14-25 सीटें मिल सकती हैं.

रिपब्लिक टीवी
रिपब्लिक ने इस बार एग्जिट पोल के लिए सीएनएक्स के साथ सर्वे किया है. इसमें तृणमूल को 128-138, भाजपा को 138-148 और कांग्रेस गठबंधन को 11-21 सीटें मिलने का अनुमान जाहिर किया गया है.

टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ-सी वोटर एग्जिट पोल ने अनुमान लगाया है कि टीएमसी 158 विधानसभा सीटें जीत सकती है. वहीं बीजेपी को 115 और कांग्रेस+लेफ्ट को 22 सीटें मिलने का अनुमान है.
इंडिया टीवी
इंडिया टीवी ने इस बार हैदराबाद की रिसर्च संस्था पीपल्स पल्स के साथ एग्जिट पोल किया है. नतीजों के अनुसार राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से भारतीय जनता पार्टी को 172-191 सीटों पर जीत प्राप्त हो सकती है जबकि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को 64-88 सीटों पर जीत मिलने की संभावना है. वहीं कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों को सिर्फ 7-12 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है.
#IndiaTV-Peoples Pulse Bengal #ExitPoll | BJP likely to deny Mamata third term #ExitPollWithIndiaTV Key Takeaways https://t.co/sR0qiblr9T pic.twitter.com/1wQtHvc5zE
— India TV (@indiatvnews) April 29, 2021
असम
असम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही मुख्य मुकाबला है. इन चुनावों में बीजेपी एक बार फिर से सत्ता में आने के लिए जनता के बीच गई थी वहीं कांग्रेस बीजेपी पर काम ना करने और सीएए-एनआरसी विरोध प्रदर्शनों के जरिए घेर रही थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बदरुद्दीन अजमल की पार्टी एआईडीयूएफ के कांग्रेस के साथ आ जाने से बीजेपी के लिए कुछ मुश्किलें खड़ी हो सकती है.
असम में इंडिया टुडे के एग्जिट पोल की मानें राज्य की 126 सीटों में से बीजेपी+ को 75 से 85 और कांग्रेस गठबंधन को 40-50 सीटें मिल सकती हैं. अन्य के खाते में 1-4 सीटें जा सकती हैं. इंडिया टुडे के सर्वे में भी बीजेपी गठबंधन बहुमत के साथ सरकार बनाती हुई नजर आ रही है.

एबीपी न्यूज के एग्जिट पोल में एक बार फिर से असम में बीजेपी सरकार बनती हुई नजर आ रही है. विधानसभा की कुल 126 सीटों में बीजेपी गठबंधन को 58 से 71 सीटें और कांग्रेस गठबंधन को 53 से 66 सीटें मिल सकती हैं. बता दें कि बहुमत के लिए 64 सीटों की जरूरत है.

रिपब्लिक टीवी और सीएनएक्स के मुताबिक असम में एनडीए को 79, यूपीए को 45 और अन्य को 2 सीटें मिल सकती हैं.

टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ सी-वोटर के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए को 53 से 66 सीटों का वहीं यूपीए को 58 से 71 सीटों का अनुमान लगाया गया है. वहीं अन्य को 2 सीटें मिलने का अनुमान है.

तमिलनाडु
तमिलनाडु की राजनीति में यह चुनाव बेहद अहम है. जयललिता और करुणानिधि के निधन के बाद दोनों पार्टियों के लिए अहम चुनाव है. एआईएडीएमके में जयललिता के निधन के बाद पड़ी टूट से पार्टी बच तो गई थी लेकिन गुट में बंट कर रह गई. चुनावों से पहले जमानत पर रिहा हुई शशिकला के आने से लगा कि वहां चुनाव कांटे का होगा लेकिन अचानक से राजनीति से संन्यास की खबर ने सभी को आश्चर्यचकित की था. वहीं लोकसभा चुनावों में एकतरफा जीत मिलने के बाद से डीएमके विधानसभा चुनावों को लेकर आश्वस्त दिख रही थी. उसे उम्मीद हैं कि जिस तरह लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत हुई हैं वैसे ही विधानसभा में भी होगी.
एबीपी न्यूज के एग्जिट पोल के मुताबिक तमिलनाडु में इस बार टीएमके-कांग्रेस गठबंधन की राज्य में सरकार बनने जा रही है. इस गठबंधन को 160 से 172 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है. बीजेपी और एआईएडीएमके गठबंधन को 58 से 70 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है.

इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार तमिलनाडु में एआईएडीएमके+ के खाते में 38 से 54 सीटें आने का अनुमान है. वहीं डीएमके+ को 175 से 195 सीटें मिलने का अनुमान है. एग्जिट पोल के अनुसार एएमएमके+ के खाते में 1 से 2 और एमएनएम+ के खाते में शून्य से 2 सीटें जाने का अनुमान है.

टाइम्स नाउ-सीवोटर एग्जिट पोल में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन 10 साल के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी करती हुई दिख रही है. एग्जिट पोल के अनुसार एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन तमिलनाडु की सत्ता से बाहर जाता नजर आ रहा है.
टाइम्स नाउ के सर्वे में डीएमके+ को 166 और एआईएडीएमके-भाजपा गठबंधन को 64 सीट मिल रही है. अन्य को 4 सीटें मिलने का अनुमान है.
#May2WithTimesNow | TIMES NOW-CVoter Exit Poll: Battleground Tamil Nadu.
— TIMES NOW (@TimesNow) April 29, 2021
Poll of Polls: Overall seat share in 2016 & 2021 (projected) elections.
Rahul Shivshankar on India Upfront. Tune in #LIVE: https://t.co/LnIpcXJspj pic.twitter.com/nW7EPObNlw
रिपब्लिक टीवी-सीएनएक्स के सर्वे में तमिलनाडु में डीएमके-कांग्रेस की सरकार बन रही है. इस गठबंधन को 150-170 सीटें मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है. वहीं, एआईएडीएमके-बीजेपी गठबंधन को को 58-68 सीटें मिल रही हैं. एआईएमएमके को भी 4-6 सीटें जीतने का अनुमान है.

केरल
केरल जहां हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता है. वहां इस बार कांग्रेस गठबंधन सत्ता में वापसी के लिए कोशिश कर रहा है जबकि लेफ्ट गठबंधन अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए कोशिश कर रहा है. लोकसभा चुनावों के परिणामों से उत्साहित कांग्रेस गठबंधन को उम्मीद है कि वह आसानी से सत्ता में आ जाएगी. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल से ही राहुल गांधी ने केरल में काफी जमकर प्रचार भी किया है. लेकिन एग्जिट पोल में कांग्रेस गठबंधन को कामयाबी मिलती नहीं दिख रही.
एबीपी न्यूज़ के सर्वे के मुताबिक बार फिर से सीपीआई (एम) की अगुवाई वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सत्ता में वापसी होती दिख रही है. हालांकि कांग्रेस नीत युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की है.
एलडीएफ को 71 से 77 सीटें पर जीत मिल सकती है और वो दोबारा सत्ता पर काबिज हो सकती है. वहीं यूडीएफ को 62 से 68 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है. पिछले चुनावों में एक सीट जीतने वाली बीजेपी को 2 सीटें मिलने की उम्मीद है.

वोट प्रतिशत की बात करें तो एलडीएफ को इस बार 42.8 फीसदी वोट शेयर मिलने की उम्मीद है. वहीं 41.4 फीसदी वोट शेयर मिलता हुआ दिख रहा है. वहीं बीजेपी को 13.7 प्रतिशत.

रिपब्लिक टीवी और सीएनएक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक, 140 सीटों वाली केरल विधानसभा में इस बार एलडीए को 72 से 80 सीटें मिल सकती है, जबकि यूडीएफ को 58-64 सीटें मिलने की संभावना है.

टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ और सी वोटर के मुताबिक वाम मोर्चा (एलडीएफ) को 74 सीटें मिल सकती हैं वहीं यूडीएफ को 65, एनडीए को 1 सीट. बता दें कि 2016 के केरल विधानसभा चुनावों में, वाम मोर्चे को 91 सीटें, यूडीएफ को 47 सीटें और भाजपा और निर्दलीय को 1-1 सीट मिली थी.

इंडिया टुडे
इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार केरल में एलडीएफ के खाते में वोट प्रतिशत 47 प्रतिशत रहा, वहीं यूडिएफ के खाते में 38 प्रतिशत और बीजेपी के खाते में 12 प्रतिशत वोट प्रतिशत रहा. वहीं सीटों की अगर बात करें तो केरल की 140 सीटों पर एलडीएफ के खाते में 104 से 120 सीटें मिलने का अनुमान है. इसके अलावा यूडीएफ के खाते में 20 से 36 वहीं बीजेपी को शून्य से 2 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं अन्य के खाते में भी शून्य से दो सीटों का अनुमान लगाया जा रहा है.

पुडुचेरी
पुडुचेरी में आजतक बीजेपी के सरकार नहीं बनी है. राज्य में चुनावों से कुछ महीनों पहले वी नारायण सामी की सरकार गिर गई थी. जिसके बाद उपराज्यपाल किरण बेदी को भी अचानक से केंद्र सरकार ने हटा दिया था. जिसके बाद से केंद्र सरकार पर आरोप लगा रहा था कि वह राष्ट्रपति शासन के जरिए राज्य में सत्ता चलाना चाहती है. वहीं कांग्रेस की बात करें तो पार्टी ने इन चुनावों में मौजूदा मुख्यमंत्री को ही टिकट नहीं दिया.
एबीपी न्यूज़ और सी-वोटर के एग्जिट पोल में पुडुचेरी में बीजेपी की सरकार बनती दिखाई दे रही है. यहां बीजेपी को 16 से 20 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस को 11 से 13 सीटें मिलती नज़र आ रही है. अन्य के खाते में 1 से 2 सीटें जाती दिखाई दे रही हैं.

इंडिया टूडे
इंडिया टुडे-एक्सिस-माय-इंडिया के अनुसार एनडीए के खाते में 20 से 36 सीटें आने का अनुमान है. वहीं कांग्रेस+ के खाते में 6 से 10 सीटों और अन्य को शून्य से एक सीट. बता दें कि चुनावों से पहले ही कांग्रेस सरकार यहां गिर गई थी. जिसके बाद केंद्र सरकार ने इस केंद्र शासित प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था.

रिपब्लिक टीवी
रिपब्लिक टीवी और सीएनएक्स के एग्जिट पोल में पुडुचेरी में बीजेपी की सरकार बनती दिखाई दे रही है. एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 19 से 23 सीटें मिलने का अनुमान जताया है. वहीं कांग्रेस को 6 से 10 सीटें मिलती दिखाई दे रहीं हैं. वहीं अन्य के खाते में कोई सीट नहीं मिल रही है.

टाइम्स नाउ
टाइम्स नाउ और सी-वोटर के एग्जिट पोल में भी पुडुचेरी में बीजेपी की सरकार बनती दिखाई दे रही है. सी-वोटर के एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को 21 सीटें मिलने का अनुमान जताया है. वहीं कांग्रेस को 8 सीटें मिलती दिखाई दे रहीं हैं. वहीं अन्य के खाते में 1 सीटें जाते हुए दिखाई दे रही है.

कौशिकी बिसेन और शिवम वर्मा के सहयोग से.
Also Read: हिंदू परंपरा पर रामकृष्ण मिशन का रुख बंगाल के चुनावों में इतनी अहमियत क्यों रखता हैं?
Also Read: श्मशान और सिस्टम के बीच कारवां गुजर गया, चुनाव देखते रहे
Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.