
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के रूझान अब परिणामों में बदलने लगे हैं. जनादेश में साफ है कि कांग्रेस की सरकार बनेगी. भाजपा विपक्ष में होगी और इन चुनावों में किंगमेकर का सपना देखने वाली जनता दल (सेक्युलर) पार्टी आत्मंथन कर रही होगी कि आखिर इस जनादेश में उन्हें जगह क्यों नहीं मिली.
एक मंथन और विचारविमर्श न्यूज़लॉन्ड्री की टीम भी करेगी. शाम 5 बजे से न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया और मनीषा पांडे इन चुनाव परिणामों पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
इस दौरान वे बताएंगे कि आखिर कैसे जब वे कर्नाटक चुनावों के दौरान लोगों के बीच थे तो वे क्या सोच रहे थे? क्या ये वाकई जनता द्वारा महंगाई, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता जैसे मुद्दों को नकारने का परिणाम हैं? क्यों आखिर भारतीय जनता पार्टी द्वारा अतिवादी बजरंग दल को बजरंग बली से जोड़ना चुनाव में काम नहीं आया या कितना काम आया? इस सबके बीच आखिर जनता दल (सेक्युलर) को भी लोगों ने क्यों नकार दिया? क्या वह किंगमेकर के खेल से तंग आ गए थे? इन तमाम सवालों के जवाब जानने के लिए जुड़िए न्यूज़लॉन्ड्री की इस विशेष चर्चा से.
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