
राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ समर्पित पाञ्चजन्य पत्रिका के संपादक हितेष शंकर ने मई महीने में नरेंद्र मोदी सरकार के सात साल पूरा होने पर संपादकीय लिखा था. इस संपादकीय में लिखा गया कि “मोदी सरकार काम की कसौटी पर सबसे आगे है लेकिन प्रचार के मोर्चे पर पिलपिलापन दिखाई देता है. कुछ लोगों को यह अजीब लग सकता है कि मोदी सरकार प्रचार के मोर्चे पर पीछे है मगर यकीन मानिए की हकीकत यही है.”
हालांकि हकीकत यह है कि साल 2014 में केंद्र सरकार में आने के बाद से मोदी सरकार ने विज्ञापन पर 5,749 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इस मामले में राज्य सरकारें भी पीछे नहीं हैं. बीजेपी शासित राज्य सरकारें भी बढ़चढ़कर विज्ञापन देती हैं. ऐसे विज्ञापन भर-भर कर पाञ्चजन्य पत्रिका को भी मिलते हैं.
पाञ्चजन्य पत्रिका के 5 दिसंबर के अंक में कुल 52 पेज छपे हैं, जिसमें से 22 पेज सिर्फ विज्ञापन हैं. यानी की 42 प्रतिशत हिस्से में विज्ञापन हैं. इन 22 में से 21 पेज पर बीजेपी सरकार का विज्ञापन है.
22 पेज में से 13 पेज के विज्ञापन मणिपुर सरकार के हैं, तो 6 पेज पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के विज्ञापन हैं. सिंतबर तक इस पत्रिका की कीमत 30 रुपए हुआ करती थी जो दिसंबर आते आते बढ़कर 50 रुपए हो गई है. पत्रिका की कीमत तो बढ़ गई लेकिन खबरें कम हो गईं.













पत्रिका के 5 दिंसबर के अंक में 22 पेज से 27 पेज तक “इम्पैक्ट फीचर” नाम से छपे पेज पर योगी आदित्यनाथ सरकार की तारीफ की गई है. इसके बाद 13 पेज का मणिपुर सरकार का अंग्रेजी में विज्ञापन दिया गया है. हिंदी की पत्रिका में अंग्रेजी में सरकार का बखान किया गया है.
विज्ञापनों के अलावा पत्रिका में अन्य खबरों की बात करें तो इस अंक में एयर इंडिया के विनिवेश की स्टोरी कवर पेज पर है. एयर इंडिया को लेकर पत्रिका ने आठ पेज में खबर प्रकाशित की है. जिसमें से छह पेज पर मनीष खेमका का लेख है वहीं दो पेज पर खबर जितेंद्र भार्गव ने लिखी है.
इसके अलावा एक पेज पर चीन के बारे में, दो पेज पर बलूचिस्तान डायरी, दो पेज पर पाकिस्तान पर संपादकीय और बचे हुए तीन पेजों पर सप्ताहभर में हुए कार्यक्रमों के बारे में छापा गया है.
पत्रिका में 16 और 17 पेज पर भाषाओं के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम के बारे में बताया गया है, वहीं 18,19,20 नंबर पेज गुरुदत्त जयंती को लेकर विशेष अंक प्रकाशित किया गया है. वहीं 21वें पेज पर संघ को लेकर खबर छापी गई है.
विज्ञापन के अलावा अगर बीजेपी, आरएसएस, पाकिस्तान और चीन से जुड़े लेखों की बात करे तो ऐसे कुल 6 पेज है.
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