
दिनदहाड़े एक दर्जी की निर्मम हत्या के दूसरे दिन बाद भी उदयपुर में तनाव बना हुआ है. लोगों में गुस्से का उफान है. घटना वाले इलाके में ज्यादातर दुकानें बंद थी और सड़कें सुनसान पड़ी थी.
दो चरमपंथी मुसलमानों, गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अख्तरी ने 42 साल के कन्हैया लाल का सिर उनकी दुकान में ही कलम कर दिया. दोनों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया. राजस्थान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाल को पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के कारण निशाना बनाया गया. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के आरोप में कन्हैया लाल को तीन हफ्ते पहले गिरफ्तार किया गया था. 15 जून को जमानत पर रिहा होने के बाद कन्हैया लाल ने पुलिस को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग करते हुए दावा किया था कि, उन्हें "जान से मारने की धमकियां" मिल रही थीं.
लाल का अंतिम संस्कार बुधवार को दोपहर एक बजे किया गया. देशद्रोहियों को गोली मारने की मांग, "देश के गद्दारों को, गोली मारो सालों को" और "जय श्री राम" के नारों के बीच हजारों लोग उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए.
अंतिम संस्कार के दौरान, लाल के बड़े बेटे यश तेली ने मांग की कि उनके पिता के दोनों हत्यारों को "सार्वजनिक रूप से फांसी" दी जाए. पुलिस ने हत्या के सिलसिले में बुधवार को तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है.
कन्हैया लाल की दुकान पुराने उदयपुर की मालदास स्ट्रीट पर मौजूद है. दुकान की ओर जाने वाली सड़कों पर भगवा झंडे लगे हुए हैं. पुलिस इलाक़े में अपनी नज़र बनाए हुए है. लाल का दो मंज़िला मकान, गोवर्धन विला, वहां से लगभग पांच किलोमीटर दूर है. उनका परिवार दुकान के ऊपर बने अपने पुराने घर से तीन साल पहले यहां आया था. उनके घर पर परिवार को सांत्वना देने के लिए महिलाओं का एक समूह भी आया हुआ था.
लाल की भतीजी मंजू तेली कहती हैं, “सरकार से हमारा केवल यही अनुरोध है कि आरोपियों को फांसी दी जाए. हमने अपना कमाने वाला खोया है, हम सिर्फ न्याय चाहते हैं."
राजस्थान सरकार द्वारा लाल के दो बेटों को सरकारी नौकरी देने के वादे पर पर मंजू तेली कहती हैं, "हर कोई मुआवजे की बात कर रहा है... क्या उसके बाद कोई है जो परिवार का भरण-पोषण कर सके?" सरकार ने परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा भी किया है.
मृतक कन्हैया लाल की पत्नी जसोदा कहती हैं कि कन्हैया एक प्यार करने वाले पिता थे. परिवार ने उनसे से जुड़ी तमाम बातें बताईं. मसलन कैसे वे अपने भतीजे और भतीजी से प्यार करते थे, साथ ही उन्होंने कुछ तस्वीरें भी हमारे सामने रखीं. इनमें से एक में वो राजस्थान में छुट्टियां मनाने के दौरान नाव चलाते हुए नज़र आ रहे हैं. एक तस्वीर में वे अपनी सिलाई मशीन के साथ हैं तो दूसरी तस्वीर में अपने परिवार के साथ बघेरी बांध पर पिकनिक मनाते दिखाई देते हैं.
जसोदा ने कहा, "मैं मोदी जी से पूछना चाहती हूं कि ‘आप कहां हैं? हमारी रक्षा करो.’ उन्होंने तो मोदी जी को भी धमकी दी है."
यहां जसोदा आरोपियों के द्वारा वीडियो बनाते वक्त कही गयी बातों का जिक्र कर रही थीं, जिनमें नूपुर शर्मा और पीएम मोदी को भी धमकी दी गयी थी. उन्होंने कहा, “मोदी जी एक बड़ी शख्सियत हैं. उन्हें भी धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. हम तो कुछ भी नहीं हैं. हमें अपना जीवन चलाने के लिए बाहर जाना पड़ता है. हमारे पास कौन सी सुरक्षा है."
पीड़ित परिवार ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि वे पुलिस की सुरक्षा चाहते हैं. मंजू कहती हैं, "वे कल आएंगे और हमें भी मार डालेंगे. सरकार मूकदर्शक बनी रहेगी. यह किसी और के साथ भी हो सकता है. हमें तुरंत न्याय चाहिए. कुछ दिनों बाद मीडिया और सरकार सब भूल जाएंगे.”
घटना के अगले ही दिन राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की कि इस मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) करेगी और राज्य की पुलिस उनका सहयोग करेगी.
इस बीच एनआईए की एक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया. एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूतों को इकट्ठा किया. आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद निरोधक कानून यूएपीए की धाराएं भी लगाई गई हैं.
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