
भारत समेत पूरे विश्व में पत्रकारों की स्थिति को लेकर हाल ही में सीपीजे और आरएसएफ की रिपोर्ट आई है. यह रिपोर्ट बताती है कि सरकार के तमाम दावों के बावजूद भारत में पत्रकारों की स्थिति चिंताजनक है. भारत विश्व में पत्रकारों के लिए पांचवा सबसे खराब देश है.
पत्रकारिता ही लोकतंत्र में वह आईना है जो जिम्मेदारों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास दिलाता है. इसी काम के चलते मीडिया को सरकारें, कॉर्पोरेशन और ताकतवर लोग अलग-अलग तरीकों से डराते और धमकातें हैं.
रिपोर्ट बताती हैं कि साल 2021 में भारत में पांच पत्रकारों की हत्या और सात पत्रकारों को जेल में उनके काम की वजह से भेजा गया. एनएल सारांश के इस एपिसोड में चौथे स्तंभ की खराब होती हालत को विस्तार से समझिए.
देखिए पूरा वीडियो.
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