
इस बार की टिप्पणी धृतराष्ट्र-संजय संवाद विशेष है. आर्यावर्त के दीवान-ए-खास में जो घटना घटी थी, उसकी सुगबुगाहट धृतराष्ट्र के दरबार में भी पहुंच चुकी थी. सिलिंड्रेला देवी के कारनामों की कानाफूसी संजय समेत धृतराष्ट्र के तमाम दरबारी कर रहे थे.
इसके अलावा इस हफ्ते के संवाद में एक नई शख्सियत की एंट्री हुई है. दरअसल डंकापति ने एक हजार का नोट बंद करके दो हजार का नोट शुरू किया था. उनका दावा था कि इससे भ्रष्टाचार मटियामेट होकर उनके सामने आत्समर्पण कर देगा. लेकिन आर्यावर्त में डंकापति की एक दुश्मन हैं बंगाल की महारानी ‘सूती साड़ी, हवाई चप्पल’ वाली. खुद भले ही सूती साड़ी हवाई चप्पल से खेलती हैं, लेकिन चेले इनके करोड़ों में खेलते हैं. इसी के चलते कुछ टकराव पैदा हुआ है. क्या टकराव हुआ, देखते जाइए.
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