
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर चुनाव से पहले ओपिनियन पोल पर बैन लगाने की मांग की है.
पार्टी महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आयोग को लिखे पत्र में कहा कि ओपिनियन पोल से वोटर भ्रमित होते हैं. सत्तारूढ़ पार्टी को जानबूझ कर फ़ायदा पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता है. बता दें कि सितंबर के महीने में कुछ मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर सर्वे दिखाया गया. जिसमें बीएसपी को बहुत कम सीटें दी गई हैं.
आज हमने आदरणीय बहन सुश्री मायावती जी दिशा निर्देशन में दिल्ली में भारत चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा, जिसमें चुनाव से 6 महीने पहले से मीडिया द्वारा सभी प्री पोल सर्वे को न दिखाये जाने की मांग की।@Mayawati @bspindia pic.twitter.com/YnSpoRd723
— Satish Chandra Misra (@satishmisrabsp) October 23, 2021
सतीश मिश्रा ने पत्र में लिखा कि यूपी में करीब 15 करोड़ वोटर हैं. लेकिन सर्वे एजेंसियां चंद कुछ लोगों की राय के आधार पर अपने आंकड़े पेश कर देती हैं. ऐसा करना संदेह पैदा करता है. इसलिए बीएसपी निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए इलेक्शन कमीशन से मतदान से छह महीने पहले इस तरह के सर्वे पर रोक लगाने की मांग कर रही है.
इस पत्र में उन्होंने पिछले महीने सीवोटर द्वारा किए गए सर्वे का उदाहरण दिया. साथ ही एजेंसी के बारे में कहा गया है कि यह एक बिकाऊ एजेंसी है. बसपा ने सर्वे के बारे में बताया है कि इस एजेंसी ने हाल ही में किए सर्वे में दिखाया कि बीजेपी को 40 प्रतिशत वोट मिल रहे हैं जोकि 2017 के चुनावों से भी ज्यादा हैं. यह सर्वे मात्र कुछ हजार लोगों से बातचीत कर जारी किया गया है जबकि यूपी में 15 करोड़ से अधिक मतदाता है.
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