
मंगलवार को भारत सरकार ने 22 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है. इनमें 14 भारतीय जबकि चार पाकिस्तानी चैनल हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि जब आईटी एक्ट लगाकर 14 भारतीय यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक किया गया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कहना है कि ये यूट्यूब न्यूज़ चैनल राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित भ्रामक जानकारी फैला रहे थे.
यूट्यूब चैनलों ने दर्शकों को गुमराह करने के लिए टीवी समाचार चैनलों के लोगों और झूठे थंबनेल का इस्तेमाल किया. इन चैनलों के अलावा तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज़ वेबसाइट को भी ब्लॉक कर दिया गया है.
बता दें कि इससे पहले मंत्रालय ने जनवरी में 35 चैनलों को ब्लॉक कर दिया था. इसके अलावा दो वेबसाइटों पर भी रोक लगाई गई थी. मंत्रालय ने दिसंबर 2021 में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित आधार पर 78 यूट्यूब समाचार चैनलों और कई सोशल मीडिया खातों को ब्लॉक कर दिया था. सरकार का कहना था कि ये चैनल और वेबसाइट भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहे थे.
सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्वा चंद्रा ने कहा था कि ये चैनल कॉर्डिनेटेड तरीके से भारत के खिलाफ एजेंडा चलाने में जुटे थे. मंत्रालय ने कहा कि ब्लॉक चैनलों की कुल दर्शकों की संख्या 260 करोड़ है. चैनलों ने फर्जी खबरें फैलाईं और जम्मू-कश्मीर, यूक्रेन और भारतीय सेना जैसे संवेदनशील विषयों पर सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार किया. उनका कहना था कि भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इन पर नजर रखी थी और उनकी रिपोर्ट्स के बाद ही एक्शन लिया गया है.
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