Get all your news in one place.
100’s of premium titles.
One app.
Start reading
Newslaundry
Newslaundry
National
न्यूज़लॉन्ड्री टीम

एनएल चर्चा 189: उत्तराखंड और केरल में भीषण बाढ़, बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा और 100 करोड़ वैक्सीन

एनएल चर्चा के इस अंक में उत्तराखंड और केरल में आई भीषण बाढ़ और तबाही हमारी चर्चा के केंद्र में रहा. इसके अलावा फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के बेटे अर्यान खान की जमानत याचिका, 100 करोड़ कोविड वैक्सीनेशन, पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतें, फैब इंडिया और सिएट टायर्स के विज्ञापन पर विवाद और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा पर बातचीत हुई.

इस बार चर्चा में बतौर मेहमान डाउन टू अर्थ के विशेष संवाददाता राजू सजवान, न्यूज़लॉन्ड्री के एसोसिएट एडिटर मेघनाद एस और सह संपादक शार्दूल कात्यायन भी शामिल हुए. चर्चा का संचालन कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

चर्चा की शुरुआत में राजू से सवाल करते हुए अतुल कहते हैं, “उत्तराखंड और केरल में जो बाढ़ के कारण आपदा आई है उसमें बड़े पैमाने पर लोगों की मौत हुई है. यह मानसून आने की वजह से हुआ है या पर्यावरण में आ रहे बदलाव के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बनी है?”

राजू कहते है, “उत्तराखंड में मानसून 7-8 अक्टूबर को खत्म हो गया था. तो यह बारिश मानसून वाली नहीं है, दूसरी बात यह बारिश इतनी ज्यादा हुई है जिसने कई सालों का रिकार्ड तोड़ दिया. केरल में अभी भी मानसून है लेकिन धीरे-धीरे जा रहा है. उत्तराखंड में इस तरह की आपदा आने के कई कारण हैं. ग्लोबल वार्मिंग एक कारण है इस तरह की आपदाओं की लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है जिस तरह से प्राकृतिक के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है. उसके कारण इस तरह की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.”

इस विषय पर शार्दूल कहते है, “भारत में प्राकृतिक आपदाएं पिछले कुछ सालों से बढ़ गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 1979 से 2005 तक सालाना औसत 7 का था लेकिन 2005 से लेकर अब यह सालाना 21 तक हो गया है. यह आपदाएं प्राकृतिक संसाधनों के बेतहाशा दोहन का परिणाम है. यह दोहन कोई एक जिला, राज्य या देश नहीं कर रहा है, यह सब कर रहे है. हमारी सरकार वैश्विक स्तर पर सारे पर्यावरण संरक्षण के दावे करती है लेकिन देश के अंदर सरकारी नीतियां नियमों को ढीला ही किए जा रही है.”

मेघनाद इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहते है, “प्रदूषण बढ़ने के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही है. भले ही यह प्रदूषण किसी भी देश में हो, पर्यावरण की कोई सीमा नहीं होती है. कुछ समय पहले आई आईपीसीसी की रिपोर्ट में भी बताया गया है कि अब समय हाथ से निकल रहा है. ग्लोबल वॉर्मिंग संकट पर सभी देशों को मिलकर काम करना होगा, तभी इस तरह की आपदाओं से बचा जा सकता है.”

इसके अलावा बांग्लादेश में दुर्गापूजा के दौरान हुई बड़े पैमाने पर धार्मिक हिंसा पर भी विस्तार से चर्चा हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए हमारा यह पॉडकास्ट सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.

टाइमकोड

00-0:40 इंट्रो

0:41-3:35 जरूरी सूचना

3:50-12:22 हेडलाइंस

12:23- 24:15 100 करोड़ कोरोना डोज

24:16 - 51:35 उत्तराखंड बाढ़ और प्राकृतिक आपदा

51:36 - 1:08:20 - बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा

1:08:30 - सलाह और सुझाव

पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.

मेघनाद एस

नोएडा फिल्म सिटी पर ऐना प्रियदर्शिनी की रिपोर्ट

कॉपी राइट लॉ पर आधारित इस सप्ताह का संसद वॉच शो

एंडर्स गेम किताब

राजू सजवान

ग्राउंड रिपोर्ट्स को पढ़ने के लिए न्यूज़लॉन्ड्री और न्यूजक्लिक जैसी वेबसाइट्स पर जाएं.

शार्दूल कात्यायन

एनएल टिप्पणी और टीवी न्यूजसेंस देखें

लखीमपुर खीरी हिंसा पर पढ़िए न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा की गई ग्राउंड रिपोर्ट

अतुल चौरसिया

पर्यावरण के जुड़े मुद्दों और समस्याओं को समझने के लिए डाउन टू अर्थ को पढ़े

अमेजन प्राइम पर उपलब्ध फिल्म सरदार उधम सिंह

हर सप्ताह के सलाह और सुझाव

चर्चा लेटर

प्रोड्यूसर- लिपि वत्स

एडिटिंग - उमराव सिंह

ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह /तस्नीम फातिमा

Also Read: उत्तराखंड में बाघों के संरक्षण के लिए क्या हैं चुनौतियां?

Also Read: आर्यन खान बनाम लखीमपुर खीरी: खबरों में क्या रहा?

Newslaundry is a reader-supported, ad-free, independent news outlet based out of New Delhi. Support their journalism, here.

Sign up to read this article
Read news from 100’s of titles, curated specifically for you.
Already a member? Sign in here
Related Stories
Top stories on inkl right now
One subscription that gives you access to news from hundreds of sites
Already a member? Sign in here
Our Picks
Fourteen days free
Download the app
One app. One membership.
100+ trusted global sources.