
हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की नई संसद के शिखर पर राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तंभ का अनावरण किया. इस दौरान उन्होंने पूजा अर्चना भी की. लेकिन इसकी तस्वीरें सामने आते ही देश में नया बवाल खड़ा हो गया. विपक्ष समेत तमाम विरोधी दल और इतिहासकार भाजपा पर राष्ट्रीय चिह्न को बदलने का आरोप लगा रहे हैं. कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय प्रतीक में शेरों की अभिव्यक्ति शांत स्वभाव की है, जबकि नई मूर्ति में शेरों को उग्र दिखाया गया है.
बता दें कि इस मूर्ति को बनाने में पांच महीने का समय लगा है. इसे महाराष्ट्र औरंगाबाद के मूर्तिकार सुनील देवरे और राजस्थान के लक्ष्मण व्यास ने तैयार किया है. इस पूरे विवाद के बीच न्यूज़लॉन्ड्री ने मूर्तिकार लक्ष्मण व्यास से बातचीत की. उन्होंने बताया कि टाटा प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से उन्हें जो डिजाइन मिला उन्होंने मूर्ती को बिल्कुल वैसा ही आकार दिया है. साथ ही उन्हों इस मुद्दे पर उठे कई अन्य सवालों का जवाब भी दिया.
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