
पेगासस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले की जांच के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट कमेटी बनाने जा रही है.
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना ने कहा कि टेक्निकल कमेटी में जिन लोगों को अदालत शामिल करना चाहती है उनमें से अधिकांश एक्सपर्ट, व्यक्तिगत कारणों से इसका हिस्सा बनने को तैयार नहीं हैं. विशेषज्ञ व्यक्तियों के उपलब्ध न होने के कारण फैसले में दिक्कत हो रही है.
The Supreme Court is likely to set up a technical committee to probe the allegations of snooping of journalists, activists etc., using the Pegasus spyware.
— Live Law (@LiveLawIndia) September 23, 2021
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बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था. तब कोर्ट ने केंद्र सरकार के रुख पर नाराजगी जाहिर की थी. अदालत ने कहा था कि हम यह जानना चाहते हैं कि क्या सरकार ने पेगासस स्पाइवेयर का इस्तेमाल लोगों की जासूसी के लिए किया है या नहीं.
वहीं केंद्र ने जासूसी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए हलफनामा दायर करने से इनकार कर दिया था.
गौरतलब है कि पेगासस मामले पर स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाएं दायर की गई थीं. जिसमें सरकारी एजेंसियों द्वारा प्रतिष्ठित नागरिकों, पत्रकारों, वकीलों, राजनेताओं और लेखकों पर पेगासस स्पाइवेयर का उपयोग करके कथित तौर पर जासूसी का आरोप लगाया गया है.
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