
दिल्ली में पानी में बढ़ते अमोनिया लेवल के कारण बीते दिनों में करीब 30 मोहल्लों में जलापूर्ति में कटौती की गई है. यमुना के पानी में बढ़े हुए अमोनिया को देखते हुए दिल्ली के वजीराबाद तथा चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सप्लाई किए जाने वाले पानी में 25-50 फीसदी तक की कटौती की गई.
दक्षिणी दिल्ली का संगम विहार मोहल्ला उन प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां पानी की किल्लत से लोग साल भर परेशान रहते हैं. दिल्ली जल बोर्ड द्वारा यहां लगभग 200 घरों में बोरवेल कनेक्शन तो दिया गया लेकिन पाइप के माध्यम से पानी की सप्लाई का कोई अता-पता नहीं.
यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि उनको महीने में एक बार ही सरकार की ओर से पानी की सप्लाई होती है बाकी दिन वो टैंकर या घर के बाहर रखी गई पानी की टंकियों से काम चलाते हैं.
पर्यावरण विशेषज्ञ जहां बढ़े हुए अमोनिया के लिए हरियाणा के पानीपत में अवैध ब्लीचिंग हाउसेस को जिम्मेदार ठहराते हैं. वहीं पानी की कमी के चलते संगम विहार के रहने वाले लोग स्टोर किए गए ऐसे पानी को पीने के लिए मजबूर हैं जिसकी गुणवत्ता यानी की TDS (Total Dissolved Solids) मात्रा सामन्य से कई गुना अधिक है.
देश की राजधानी में पानी की समस्या के क्या हैं हालात, जानने के लिए देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट.
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