
प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद ने टीवी पत्रकार रमन कश्यप की हत्या पर चिंता जताई है. रमन कश्यप 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान बुरी तरह जख्मी हो गए थे जिसके बाद 4 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई.

इस मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए, पीसीआई अध्यक्ष ने मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि प्रदेश, मामले के तथ्यों पर जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे.

वहीं एडिटर्स गिल्ड ऑफ इण्डिया ने भी प्रेस रिलीज जारी कर पत्रकार रमन कश्यप की मौत पर खेद व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि यह बात स्पष्ट है कि रमन प्रदर्शन कर रहे किसानों पर रिपोर्टिंग कर रहे थे, जब यह दुखद घटनाक्रम हुआ और रमन सहित 8 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. हालांकि रमन की मौत कैसे हुई इसके लिए स्वतंत्र जांच होनी चाहिए.
कश्यप की हत्या स्पष्ट रूप से किसानों में भय फैलाने के लिए किया गया एक आतंकवादी हमला है जो कई सवाल खड़े करता है. एडिटर्स गिल्ड की मांग है कि कश्यप की मौत की विशेष जांच दल के नेतृत्व में अलग से जांच की जाए और मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जाए.
ग़ौरतलब है कि 3 अक्टूबर, को लखीमपुर खीरी में उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे. रास्ते में तिकुनिया क्षेत्र में किसानों ने इस दौरे का विरोध करना शुरू कर दिया और काले झंडे दिखाए. आरोप है कि तभी काफिले को काला झंडा दिखा रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे ने कार चढ़ा दी. इसके बाद किसानों ने अजय की गाड़ी पर हमला बोल दिया. और आग के हवाले कर दिया. हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग गए.
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